सीमा स्मृति — रचनाएँ
संग्रह की रचनाएँ


ये जीवन के रंग
हाइकुबदले रंग जीवन सतरंगी ये पगडण्डी । साँसो की लय थिर मन मयूर दे नये रंग। शब्द गुलाल…
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झूमें ज़िन्दगी
हाइकुफूल बनके खिली, जूही की कली महकी फिज़ा । झोंका हवा का छू कर, यूँ गया कि झूमें…
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वसन्त
हाइकुप्रसन्न मन प्रफुल्लित है तन, आया वसन्त। मन के तार बिना साज के राग छाया वसन्त महके फूल…
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नव वर्ष-2014
हाइकु1 कुछ खट्टा ये कुछ मीठा बीता है गया वर्ष रे। 2 हर्षित मन नई उम्मीदों -संग भरेगा…
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कांपी धरती
हाइकुकांपी धरती पिघला आसमान मूक इंसान। टूटा घरौंदा बिखरा है सामान कैसी पहचान। रौंदी धरती भूले हैं परिणाम…
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युगों युगों से
हाइकुदुख बादल सुख उड़ता पंछी यात्रा अनंत। युगों युगों से ढूढ़ता मुसाफिर कहॉं मंजिल। दुखी रहना प्रवृत्ति है…
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