परिभाषा
क्षणिकाबड़े घर की परिभाषा बदल गई कमरे हैं बहुत एक ही कमरे सभी करते थे हँसी-ठिठोली, वो निकल…
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बड़े घर की परिभाषा बदल गई कमरे हैं बहुत एक ही कमरे सभी करते थे हँसी-ठिठोली, वो निकल…
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मुश्किल है समझना खामोशी, जो कहीं हथियार कहीं अहम् की तलवार कहीं बेबसी कहीं प्यार कहीं एतबार कहीं…
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क्या मुसीबत है, ये स्कूल वाले तो सर्दियों की छुटियाँ आगे ही बढ़ाते जा रहे हैं। अब तो…
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चेंज-1 “अरे वाह! नीतू इस पिक में तो तुम बहुत सुन्दर लग रही हो, कौन सी जगह है…
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ये नया साल दे खुशियाँ हजार आए नयी बहार हों नए रास्ते यूँ ही बढ़ता जाए हाइकु परिवार…
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वो सर्दी की सुबह थी। मैं रूटीन की तरह बैंक के लिए निकली थी। ये रूटीन भी क्या…
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हम बहुत देर से ट्रैफिक जाम में फसे थे। एक घँटे से ज्यादा हो गया था मगर कार…
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सुनो दस्तक बदला है मौसम आई दिवाली दीपों की थाली आशाओं से सजाई बांटो मिठाई पथ के साथी…
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