सदोका
माँ
हर सुबह दुओं की पोटली निकालती मेरी माँ चुन दुआएं राहों में देती बिछा कष्टाें से लेती बचा…
रचना पढ़ें : माँ
4 रचनाएँ
हर सुबह दुओं की पोटली निकालती मेरी माँ चुन दुआएं राहों में देती बिछा कष्टाें से लेती बचा…
रचना पढ़ें : माँ
ये नया साल दे खुशियाँ हजार आए नयी बहार हों नए रास्ते यूँ ही बढ़ता जाए हाइकु परिवार…
रचना पढ़ें : नव वर्ष
ये चारो ओर अहम् का गुबार बनावट आधार नोंचे- खसौटे मानवता व प्यार है टूटा एतबार। कैसा माहौल…
रचना पढ़ें : है टूटा एतबार
सीमा स्मृति ये सिलसिला खौफ के घने साए बढ़ते चले जाएँ, माँ- बेटी -बहू हर दिल पे छाएँ…
रचना पढ़ें : आज का सच