- भटके जीव
खोजे है ठंड़ी छाँव
जीवन गाँव। - मन पथिक
अनंत मरिचिका
फंसे मीन-सा । - देती थकन
मन की अटकन
मिले न थाँव । - ईश की याद
क्यूँ दर्द की
राह में
जले दीप-सी। - जली प्रेम लौ
भटकन की आँधी
क्यूँ, गई बुझा। - जीवन साँझ
मन जपे है राम
धुंधला धाम।
सीमा स्मृति

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सीमा स्मृति