साल: 2013

56 रचनाएँ

2013

दिसम्बर

हाइकु

सर्दी

संवेदना-सी जमी, सर्दी की शामें ढूंढती आंच । खोजते,इक टुकड़ा आशियाना सर्दी का आना। रैन-बसेरा ये ना मेरा,ना…

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कविता

लाइव

नोचे गए रिश्‍तों भाई –भाई बहन- भाई गुरू- शिष्‍य जनता –नेता पत्रकार-पत्रकारिता पति-पत्‍नी हर सामाजिक रिश्‍ते की लगती…

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नवम्बर