हाइकु
आंखे
1 खामोश बोलें ये राज हर खोलें बोलती आंखें । 2 नैनों की भाषा है अजब पहेली बूझ…
रचना पढ़ें : आंखे
56 रचनाएँ
1 खामोश बोलें ये राज हर खोलें बोलती आंखें । 2 नैनों की भाषा है अजब पहेली बूझ…
रचना पढ़ें : आंखे
माना तेरी थी मजबूरियाँ क्या किस्मत है टकराना था उनको मेरी ही मोहब्बत के साथ । २७.११.२०१३
रचना पढ़ें : यूँ हुआ
सुना करते थे ओैरों की बेवफाई के किस्से खुद पर जो गुजरी कोई क्या सुनता अपने ही अश्क…
रचना पढ़ें : अपनापन
कल तेरी आँखों में नींद नहीं थी आज मेरी से है,गायब दो किनारे ही अक्सर,जीते हैं इक ही…
रचना पढ़ें : उस पार
क्या हुआ सर, आप आज आफिस के लिए लेट कैसे हो गए ? अरे मैडम क्या बताये, आप…
रचना पढ़ें : इलाज
ये चारो ओर अहम् का गुबार बनावट आधार नोंचे- खसौटे मानवता व प्यार है टूटा एतबार। कैसा माहौल…
रचना पढ़ें : है टूटा एतबार
सब कुछ बदलते देख लिया रिश्ते-नाते लोग- व्यवाहर वक्त- प्यार रहन-सहन आचार विचार शरीर - आयु आधार -संस्कार…
रचना पढ़ें : ये कैसा सच
टिमटिमता आशा-दीप,कहे यही जिन्दगी। होगा सवेरा रोज कहे अंधेरा हो चक्र पूरा। दिखाई राह तुम साथ निभाना भूल…
रचना पढ़ें : आशा