साल: 2013

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2013

नवम्बर

हाइकु

आशा

टिमटिमता आशा-दीप,कहे यही जिन्‍दगी। होगा सवेरा रोज कहे अंधेरा हो चक्र पूरा। दिखाई राह तुम साथ निभाना भूल…

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