कविता
सफर
लिखी जा सकती है एक लम्बी कविता बन्दर और मगरमच्छ की कहानी का कापी राइट लेकर मीठी, सुन्दर…
रचना पढ़ें : सफर
56 रचनाएँ
लिखी जा सकती है एक लम्बी कविता बन्दर और मगरमच्छ की कहानी का कापी राइट लेकर मीठी, सुन्दर…
रचना पढ़ें : सफर
जंगल की आग की तरह तेरी याद मेरे अस्तित्व को झुलसाती है बीते वक्त का, हर लम्हा कैटालिस्ट…
रचना पढ़ें : सत्य
कहीं तस्वीर कहीं दिल में कैद यादें दीवानी। सरकंडों -सी चुभे,कभी फाहा हो सोखती दर्द । याद बादल…
रचना पढ़ें : ‘यादें’
1 ये मनचला ले धूप का आंचल उड़ता चला । 2 बिजली रानी है, इसकी दीवानी दोस्ती पुरानी…
रचना पढ़ें : बादल
मुस्कान बिखरी रहती है कुछ इस कद्र उन लबों पर यूं कि गमे नशा हो अब भी सरूर…
रचना पढ़ें : मुस्कान
कहते हैं वो जख्म मिलते हैं भर जाने को अश्क बहते हैं गम को भुलाने को ये क्या…
रचना पढ़ें : वो क्या जानें
उन बेबस खामोश निगाहों में उतर आया था शून्य सिमट गया था हर एहसास बिखर कर रह गई…
रचना पढ़ें : ‘ इजाजत’
जब भी तेरी तस्वीर,तस्वुर में आती है जिन्दगी पे एतबार की हर कड़ी बिखर जाती है।
रचना पढ़ें : बीता वक्त