हाइकु
मन
मन की बातें असीमित अनंत बुझे जो संत। मन के रंग देखो जग के संग नयी तरंग। बदलो…
रचना पढ़ें : मन
क्षणों में सिमटा जीवन
48 रचनाएँ
मन की बातें असीमित अनंत बुझे जो संत। मन के रंग देखो जग के संग नयी तरंग। बदलो…
रचना पढ़ें : मन
भटके जीव खोजे है ठंड़ी छाँव जीवन गाँव। मन पथिक अनंत मरिचिका फंसे मीन-सा । देती थकन मन…
रचना पढ़ें : यात्रा
ये चाँद मियाँ ले बेगम चाँदनी गाते रागिनी । चाँदनी ओढ़े वधू-झील शर्माती दिल लुभाती। चाँद के आते…
रचना पढ़ें : चाँद – चाँदनी
1 चहकी बया, चौंका शिकारी,अब तेरी है बारी ? 2 रोज रावण रूप बदल सताते आये न राम…
रचना पढ़ें : प्रश्न
वक़्त ने खोली अनुभव पिटारी मिली ख़ुशबू। शिशु ख़ुशबू चहकती आँगना गाती तराने। स्वर्ग-नर्क ? ईमानदार लम्हा जीवन…
रचना पढ़ें : मीठी खुशबू
भोर का शोर यूँ घोलता मिठास झूमे आकाश। भोर का रंग दे उम्मीदों के पंख भरो उड़ान ।…
रचना पढ़ें : भोर
प्रेम की बात निशब्द एहसास मौन स्वीकृति। डर के तार सोखते एहसास दर्द सलीब । सीमा स्मृति
रचना पढ़ें : हाइकु
तेरी ख़ामोशी अल्हड़ नवेली-सी बनी पहेली । दर्द से मीठी ये ख़ामोशी की दवा स्वाद कड़वा । कौन…
रचना पढ़ें : ख़ामोशी