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मन

  1. मन की बातें
    असीमित अनंत
    बुझे जो संत।
  2. मन के रंग
    देखो जग के संग
    नयी  तरंग।
  3. बदलो सोच
    ख़ुशी -तितली,आए
    मन बगिया ।