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आंखे

1 
खामोश बोलें

  
ये राज हर खोलें

  
बोलती आंखें । 

2 नैनों की भाषा

 
है अजब पहेली

 
बूझ सहेली ।

3 दर्द से भरी

 
आंसुओं को हैं,थामे

  क्‍यों मुस्‍कराती ।

4 चपल नैना 

 
सुनाये है, कहानी 

 
मुंह जुबानी ।

5 मृग नैना

 
छीनें मन का चैना

 
ये दिन रैना ।

6 बन आईना

 
करती ये बयान 

 
हर दर्शन।

7 नैन पिंजरा

 
मन, मोहक पंछी

 
करे सवाल ।

8 ये अंग संग 

 
हैं, जीवन तरंग

  देखो ये, रंग।