♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है क्षणिका28 नवम्बर 2013सीमा स्मृति उस पार कल तेरी आँखों में नींद नहीं थी आज मेरी से है,गायब दो किनारे ही अक्सर,जीते हैं इक ही हकीकत । २७.११.२०१३