- संवेदना-सी
जमी, सर्दी की शामें
ढूंढती आंच । - खोजते,इक
टुकड़ा आशियाना
सर्दी का आना। - रैन-बसेरा
ये ना मेरा,ना तेरा
हुआ सवेरा। - सर्दी के दिन
वो कुनकुनी धूप
मिला खजाना। - इक टुकड़ा
धूप अमृत लगे
खोजें निगाहें। - शीत लहर
पांच मरे-खोजें हैं
अर्थ सर्दी के। - दुबके पंछी
ठिठुरते इंसान
करे बयान। - जम सी गई
खोजती लकडि़यां
वो दो निगाहें।
सीमा स्मृति
