- फूल बनके
खिली, जूही की
कली
महकी फिज़ा । - झोंका हवा का
छू कर, यूँ गया
कि
झूमें ज़िन्दगी । - पड़े फुहार
घिर आए हैं मेघ
गूँजे मल्हार । - लहरों संग
बजे है नई धुन
दूर किनारा । - किरनों संग
उम्मीद की रोशनी
जीवन-धारा । - हर शाख यूँ
दमके चाँदनी में
हुई चाँद -सी ।

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