सीमा स्मृति — रचनाएँ
संग्रह की रचनाएँ



मीठी खुशबू
हाइकुवक़्त ने खोली अनुभव पिटारी मिली ख़ुशबू। शिशु ख़ुशबू चहकती आँगना गाती तराने। स्वर्ग-नर्क ? ईमानदार लम्हा जीवन…
रचना पढ़ें →
मुलाकात
अवर्गीकृततुझसे मिलना इक रवायत नहीं किसी उम्र का महकता सुरूर भी नहीं बदली हवाओं में थमा सा कोई…
रचना पढ़ें →

अपनी गंध
क्षणिकाआज फिर बटोरे मैंने, अपनी तन्हाई के टुकड़े जोड़े, दिया इक रूप दी धूप अपने होने की सर्दी…
रचना पढ़ें →
शीर्षक रहित रचना
क्षणिकाखुशबू चंद सूखे फूलों सी रिश्तों की महक आज भी मेरी जीवन किताब को, रही हैं महका जिन्हें…
रचना पढ़ें →