परिवर्तन
कविताआज सुबह रास्ता बदल कर देखा कुछ नये मोड़ लिए हाँ! कुछ भूल हुईं कुछ दर्द मिले कुछ…
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आज सुबह रास्ता बदल कर देखा कुछ नये मोड़ लिए हाँ! कुछ भूल हुईं कुछ दर्द मिले कुछ…
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जिन्दगी में कुछ रिश्ते देते हैं मुस्कान! पहचान! विश्वाश! आत्मविश्वास! नये अहसास! तुजरबा! और कुछ देते हैं- हीनता!…
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कौन है -वो शांत बर्फ गिरने के बाद घाटी -सी मासूम सर्दी की भोर -सी चंचल पहली बरसात…
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भटकन की रेत पे जलते हैं पाँव कितनी भी तलाशो मिलती नहीं छाँंव । बिना पानी का ये…
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एक सत्य बेल से लिपटे सर्प-सा मन की देहरी –पे सरसराने लगा लम्बी खामोशी गूंजती रही फुंकार कुछ…
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कुछ पाने की जिद्द बदल देती है आचार! व्यवहार! और संस्कार करती है बेचैन छीन लेती है चैन…
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वक्त की धार बन कटार शब्दों के टुकड़े करती रही स्याही क्या लिखेगी हाइकु कहानी कविता एहसास के…
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आदतें भी अजीब हुआ करती हैं....... बात करने की आदत दर्द सुनाने शिकायत करने तारिफ सुनने खुद को…
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