दूरियाँ
क्षणिकादूरियाँ वक्त की कमी से नहीं शहरों के अंतराल से नहीं एहसास की सरहद में आंकी जाती है।…
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दूरियाँ वक्त की कमी से नहीं शहरों के अंतराल से नहीं एहसास की सरहद में आंकी जाती है।…
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पहले---- तेरी खामोशी प्यार के इकरार का शोर मचाती थी अब----- खामोशी में लिपटा तेरा अहं हर बार…
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कहते हैं मिली हैं सांसे सभी को गिनती भर खेलते खेल इन्हीं सांसो पर सुख :दुख के झूले…
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नोचे गए रिश्तों भाई –भाई बहन- भाई गुरू- शिष्य जनता –नेता पत्रकार-पत्रकारिता पति-पत्नी हर सामाजिक रिश्ते की लगती…
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पचास पार पनपे ये इंतजार क्या होगा यार। धूप आंगना होगा अब आराम आया विराम । वो घड़ी…
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माँ ! माई! मम्मी बिटिया पुकारती मैं इठलाती । है घर द्वार बजती शहनाई ये रानी आई। तेरे…
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माना तेरी थी मजबूरियाँ क्या किस्मत है टकराना था उनको मेरी ही मोहब्बत के साथ । २७.११.२०१३
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