अधूरे सपने
हाइकुअपने संग सहेजती मैं रंग तितली बन। टूटे सपने रूठ गए अपने बने पराये । खोजती पंख छू…
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अपने संग सहेजती मैं रंग तितली बन। टूटे सपने रूठ गए अपने बने पराये । खोजती पंख छू…
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तपते दिन और बेचैन रातें तन्हा सफर । थमें या बहें पलकों पर रुके अश्क ये कहें ।…
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है मिला, सब दुख उसका भी है अभिन्न साथी । दुख सुख हैं भाव अनुभूतियॉं अर्थ अनेक ।…
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अंकुरित सा खिलता कोंपल सा जीवन गीत । पहला प्यार बहार बन आया खिला चमन । मुलाकातो का…
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मैं कोई गुजारा लम्हा नहीं जिसे भुलाने की कोशिश हो मैं इक सच हूँ मैं इक यथार्थ हूँ…
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क्यों,कलम हाथ आते ही खो जाते हैं शब्द उन साथियों की तरह जो खो गए मात्र अपनत्व का…
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बच्चों को छबीस जनवरी दिखाने का प्रोग्राम बनाया गया । भईया ने कार निकाली और हम अपने घर…
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