- बेपरवाह
हँसी-सी,ये फिसली
ओर ना छोर । - कहे पवन
छू तन और मन
मेरा गगन । - पवन बिन
इंसान, जल बिन
मीन समान। - जीवन डोर
बंधी है तेरे संग
अनूठा रंग। - आंख मिचौली
खेले ये दिन रात
बनाये बात। - मेरी तन्हाई
बेदर्द पुरूवाई
करें हैं शोर । - भयी वसन्ती
मदमस्त पवन
आया सावन। - यूं है चलती
ये चपल चंचला
नव यौवना । - मेरी सहेली
तेरे संग रंगीला
हर मौसम । - चूम लेती ये
धरती या आकाश
एक ही साथ।

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