♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है हाइकु29 दिसम्बर 2014सीमा स्मृति ममता यशोदा कहो,या पुकारो देवकीइक रूप -सी ।है कभी ढाल,कभी तलवारउर विशाल ।ममता – छाँवहै शीतल चाँदनीभरे है घाव ।भूख की आगझुलसती ममताबेचती कोख ।इंसान ही क्याजानवर भी जानेये मूक बोली ।सीमा स्मृति