♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है हाइकु8 जनवरी 2014सीमा स्मृति ममता यशोदा कहो,या पुकारो देवकीइक रूप -सी ।है कभी ढाल,कभी तलवारउर विशाल ।ममता– छाँवहै शीतल चाँदनीभरे है घाव।भूख की आगझुलसती ममताबेचती कोख।इंसान ही क्याजानवर भी जानेये मूक बोली।