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जिन्‍दगी

अपनी ही सोच का प्रवाह है- जिन्‍दगी
इस  क्षण नाम है -जिन्‍दगी
कुदरत का करिश्‍मा है – जिन्‍दगी
सांसो की लय है – जिन्‍दगी 
शब्‍दों में कब बंधी है- जिन्‍दगी
ऐ दोस्‍त 
वक्‍त की सलीब पे हैरान है- जिन्‍दगी ।
सीमा स्‍मृति