♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है क्षणिका19 अप्रैल 2011सीमा स्मृति रंग बेइंतहा प्यार मिला जिन्दगी को उस रंगीन कैन्वस की तरह जो रंगहीन हुआ करता है वक्त के बेरहम रंग के तले । सीमा स्मृति