♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है क्षणिका30 दिसम्बर 2010सीमा स्मृति शीर्षक रहित रचना साथियों नये दशक ने दी है दस्तक , कुछ तो मुस्कराओ, कम करो शिकायतें, कुछ तो परिवर्तन लाओ, करो मनन, बम कम, इंसानियत कुछ तो बढाओ, नव वर्ष की शुभकानाएं सभी के लिए शुभ बनाओ।