क्षणिका
रंग
बेइंतहा प्यार मिला जिन्दगी को उस रंगीन कैन्वस की तरह जो रंगहीन हुआ करता है वक्त के बेरहम…
रचना पढ़ें : रंग
17 रचनाएँ
बेइंतहा प्यार मिला जिन्दगी को उस रंगीन कैन्वस की तरह जो रंगहीन हुआ करता है वक्त के बेरहम…
रचना पढ़ें : रंग
नव अंकुरित कली सी , फिंजा में मोहक खुशबु सी, हवा में सिमटी मद मस्त मस्ती सी, चमकीली…
रचना पढ़ें : याद
कल देर रात तक मोहब्बत,शबाब, शराब, के जाम छलकें होगें आकेस्टरा की धुन पर, थ्रिरकते कदमों, तालियों की…
रचना पढ़ें : ‘कहानी’
उत्तर शोर सुन नींद से जागी आंखे हैरान हो फैल जाया करती थी देख सुबकती मां के शरीर…
रचना पढ़ें : शीर्षक रहित रचना
‘भविष्य’ उस दिन आफिस में मुहरम की छुटी थी । सर्दी के मौसम में सूरज देवता की पूरी…
रचना पढ़ें : लघुकथा
सर्दी का अर्थ, गरम रजाई में कविता करते शब्दों में नहीं, ठिठुरता, ऐस्सी कारो के दरवाजों से नहीं…
रचना पढ़ें : सर्दी
यूज एंड थरो की संस्कृति प्रयोग करो और फेंक दो डिब्बे, इंसान या भावनाएं इन्हें साथ लेकर चलना…
रचना पढ़ें : युग