♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है क्षणिका6 नवम्बर 2013सीमा स्मृति तेरी याद तेरे कहने से, मैंनें दिया इक रूप अपने एहसासों को बांध कर तेरी याद मुट्ठी में उड़ा रही हूँ, तेरी दी खुशबु ।