- कहीं तस्वीर
कहीं दिल में कैद
यादें दीवानी। - सरकंडों -सी
चुभे,कभी फाहा हो
सोखती दर्द । - याद बादल
नहीं,जो आए जाए
थिर सूरज। - चुने जो फूल
अँजुरी भर लाई
हुए ये शूल। - सर्द शाम की
तन्हाई में सिमटी
खोजें बिछौना। - साँसों -सी चले
ये अंग -संग मग्न
बदले रूप। - ये ठिठकती
सिकुड़ी पपड़ी -सी
है कसकती। - फूल -सी खिली
सिमटी महक -सी
अस्तित्व संग। - मिश्री -सी मीठी
निबौरी सी- कड़वी
अनंत यादें। - शब्दों की सीमा
पाट नहीं पाती ये
यादों की नदी।

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