- भावों का रेला
किसने क्या-क्या ठेला
वक्त ने कहा। - गीत -संगीत
बजाते गए मीत
नयी दिशा में। - उनींदी आँखें
देखना चाहती हैं
खिली-सी धूप। - थामें हाथों में
प्रज्वलित मशाल
सोच कमाल। - खाली मैदान
गूँजती खामोशियाँ
सुनो कहानी।

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