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युगों युगों से

  1. दुख बादल

    सुख उड़ता पंछी

    यात्रा अनंत। 
  2. युगों युगों से

    ढूढ़ता मुसाफिर

    कहॉं मंजिल। 
  3. दुखी रहना

    प्रवृत्ति है मन की

    ना हो आवृत्ति। 
  4. दुःख में अश्‍क

    बहें या थम जाएं

    कोई बताये। 
  5. शब्‍दों की गूंज

    खामोशी में दफन

    करती प्रश्‍न। 
  6. रचना कृति

    जीवन तरंग से

    कैसे है रीति! 
  7. जीवन ताल

    बजाता खड़ताल

    मन विशाल। 
  8. रंग ही रंग‍

    बिखेरे अंग संग

    मनतरंग।
  9. पीली सरसों

    हरे भरे खेतों में

    मूक कोयल।
  10. ये एहसास

    खिली खिली सी धूप

    सुखद जाल।