♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है हाइकु28 मार्च 2014सीमा स्मृति वक्त की धार सीमा स्मृतिवक्त की धारनैया पार या डूबेहै, मझधार ।पढ़ लो आँखेंसुना देंगी कहानीये अनकही।