- हुई खामोशी
पतझर- सी पीली
घूमे अकेली । - ख़्वाबों के रंग
क्यों हुए बदरंग
बूझो पहेली । - वो ठूँठ बना
करता इंतजार-
आए बहार। - वक्त सीखता-
रंगों की पहचान
बन सुजान। - बदले चाल
पतझर के बाद
आये बहार। - बदले रंग
जीवन व मौसम
क्यों संग- संग। - टूटे पत्तों- सी
जिन्दगी की कड़ियाँ
टूटीं- बिखरी। - ये एतबार-
यूँ मिलेगी बहार
हो नया प्यार । - वक्त- आईना
कभी न घबराना
चलते जाना। - अपना साया
इंद्रधनुष बन
बदले रंग।

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