लघुकथा
सुख : दुख
“राशि हैलो तुझे पता है कि अनिल के फादर की क्रिया आज है। दस दिन बात उसके बेटे…
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13 रचनाएँ
“राशि हैलो तुझे पता है कि अनिल के फादर की क्रिया आज है। दस दिन बात उसके बेटे…
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क्या मुसीबत है, ये स्कूल वाले तो सर्दियों की छुटियाँ आगे ही बढ़ाते जा रहे हैं। अब तो…
रचना पढ़ें : धुंध
चेंज-1 “अरे वाह! नीतू इस पिक में तो तुम बहुत सुन्दर लग रही हो, कौन सी जगह है…
रचना पढ़ें : चेंज
हम बहुत देर से ट्रैफिक जाम में फसे थे। एक घँटे से ज्यादा हो गया था मगर कार…
रचना पढ़ें : सो स्वीट………
क्या हुआ सर, आप आज आफिस के लिए लेट कैसे हो गए ? अरे मैडम क्या बताये, आप…
रचना पढ़ें : इलाज
ऐसा भी होता है निशा, क्या बात है, आरती अपना स्कूटर रोक कर क्या कह रही थी ?…
रचना पढ़ें : ऐसा भी होता है
गरिमा, आज तुम फिर लेट हो गई, क्या हुआ? क्या बताऊ यार हम वर्किगं लेडीज की बहुत-सी समस्याएँ…
रचना पढ़ें : ‘कैसे कहूँ क्यों…….?
‘एक’ रचना : प्रिया अब तो तुम्हारे मम्मी पापा ने भी तुम्हारे और रमन के प्यार को स्वीकृति…
रचना पढ़ें : दहेज प्रथा ( एक दौ तीन )