लघुकथा
‘उत्सव’
महानगरों में प्रत्येक हाऊसिंग सोसाइटी के आस पास या कुछ दूरी पर प्राय: एक झुगी झोंपडी बस्ती होती…
रचना पढ़ें : ‘उत्सव’
13 रचनाएँ
महानगरों में प्रत्येक हाऊसिंग सोसाइटी के आस पास या कुछ दूरी पर प्राय: एक झुगी झोंपडी बस्ती होती…
रचना पढ़ें : ‘उत्सव’
निशा, क्या बात है, आरती अपना स्कूटर रोक कर क्या कह रही थी ? अरे यार कुछ नहीं…
रचना पढ़ें : ऐसा भी होता है
पत्नी: आपको मालूम है, आज रात नौ बजे टी वी में आंतक एंवम् आंतकवादियों पर विशेष कार्यक्रम दिखाया…
रचना पढ़ें : परेशानी
मीरा अस्पताल में है, मिसेज शर्मा ने कहा । क्या हुआ मीरा को, मिसेज बंसल ने पूछा ।…
रचना पढ़ें : सहानुभूति
‘भविष्य’ उस दिन आफिस में मुहरम की छुटी थी । सर्दी के मौसम में सूरज देवता की पूरी…
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