♪रचना सुनेंऑडियो उपलब्ध नहीं है क्षणिका7 नवम्बर 2013सीमा स्मृति याद याद कोई बादल नहीं, जो आये और चली जाये ये तो वो थिर सूरज है जो चमकता है क्षण प्रति क्षण