मन की बात- ऐसा क्यों?
कल शाम जब टेलीविजन चलाया ही था कि न्यूज आई कि फरीदाबाद के होली चाइल्ड स्कूल के एक…
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कल शाम जब टेलीविजन चलाया ही था कि न्यूज आई कि फरीदाबाद के होली चाइल्ड स्कूल के एक…
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देखती तुम्हारी तस्वीर वक्त जादू वक्त पहेली वक्त नशा वक्त सजा वक्त मेहरबानी वक्त निशानी वक्त तकदीर वक्त…
रचना पढ़ें : वक्त
मैं खोजती शब्द.........घर के हर कोने मेंदरवाजों के पीछेबंद संदूकों मेंआंगन में, चौबारे परपरछती परपलंग के नीचेअलमारी के…
रचना पढ़ें : शब्द
हवा से हल्की बचपन की साथी क्यों खो जाती। कभी कटीली लिपटी चश्नी संग बदले रंग । आंखो…
रचना पढ़ें : मुस्कान
कान्हा ने खाई माई सृष्टि दिखाई लीला रचाई। माटी से बने मिलेंगे माटी ही में क्यों हैं अन्जान…
रचना पढ़ें : माटी
वक़्त के आगे चले ना चतुराई समझो भाई। वक़्त सूरज दिखाता है ये राह ना घबराना । वक़्त…
रचना पढ़ें : वक्त
हुई खामोशी पतझर- सी पीली घूमे अकेली । ख़्वाबों के रंग क्यों हुए बदरंग बूझो पहेली । वो…
रचना पढ़ें : पतझर
कैसा लगा दीमक आज समाज में गलने लगा, सड़ने लगा हर रिश्ता! संबंध !एहसास गुरू-शिष्य पति-पत्नी बाप-बेटी भाई-भाई…
रचना पढ़ें : बचा लो