कविता
शीर्षक रहित रचना
उत्तर शोर सुन नींद से जागी आंखे हैरान हो फैल जाया करती थी देख सुबकती मां के शरीर…
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36 रचनाएँ
उत्तर शोर सुन नींद से जागी आंखे हैरान हो फैल जाया करती थी देख सुबकती मां के शरीर…
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सर्दी का अर्थ, गरम रजाई में कविता करते शब्दों में नहीं, ठिठुरता, ऐस्सी कारो के दरवाजों से नहीं…
रचना पढ़ें : सर्दी
यूज एंड थरो की संस्कृति प्रयोग करो और फेंक दो डिब्बे, इंसान या भावनाएं इन्हें साथ लेकर चलना…
रचना पढ़ें : युग
‘समय की धारा’ गम के साये में समझ पाये, कौन अपने हैं कौन है पराये। पिघली बर्फ,नदी हो…
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