सदोका
नव वर्ष
ये नया साल दे खुशियाँ हजार आए नयी बहार हों नए रास्ते यूँ ही बढ़ता जाए हाइकु परिवार…
रचना पढ़ें : नव वर्ष
82 रचनाएँ
ये नया साल दे खुशियाँ हजार आए नयी बहार हों नए रास्ते यूँ ही बढ़ता जाए हाइकु परिवार…
रचना पढ़ें : नव वर्ष
वो सर्दी की सुबह थी। मैं रूटीन की तरह बैंक के लिए निकली थी। ये रूटीन भी क्या…
रचना पढ़ें : लाटरी
हम बहुत देर से ट्रैफिक जाम में फसे थे। एक घँटे से ज्यादा हो गया था मगर कार…
रचना पढ़ें : सो स्वीट………
सुनो दस्तक बदला है मौसम आई दिवाली दीपों की थाली आशाओं से सजाई बांटो मिठाई पथ के साथी…
रचना पढ़ें : दीपमालिका
1 धूप- किरन बन नव जीवन आई आँगना । 2. धरा -ओढ़नी पहन सातों रंग है पिया संग।…
रचना पढ़ें : धूप
बदले रंग जीवन सतरंगी ये पगडण्डी । साँसो की लय थिर मन मयूर दे नये रंग। शब्द गुलाल…
रचना पढ़ें : ये जीवन के रंग
फूल बनके खिली, जूही की कली महकी फिज़ा । झोंका हवा का छू कर, यूँ गया कि झूमें…
रचना पढ़ें : झूमें ज़िन्दगी