हाइकु
मुस्कान
हवा से हल्की बचपन की साथी क्यों खो जाती। कभी कटीली लिपटी चश्नी संग बदले रंग । आंखो…
रचना पढ़ें : मुस्कान
क्षणों में सिमटा जीवन
48 रचनाएँ
हवा से हल्की बचपन की साथी क्यों खो जाती। कभी कटीली लिपटी चश्नी संग बदले रंग । आंखो…
रचना पढ़ें : मुस्कान
कान्हा ने खाई माई सृष्टि दिखाई लीला रचाई। माटी से बने मिलेंगे माटी ही में क्यों हैं अन्जान…
रचना पढ़ें : माटी
वक़्त के आगे चले ना चतुराई समझो भाई। वक़्त सूरज दिखाता है ये राह ना घबराना । वक़्त…
रचना पढ़ें : वक्त
हुई खामोशी पतझर- सी पीली घूमे अकेली । ख़्वाबों के रंग क्यों हुए बदरंग बूझो पहेली । वो…
रचना पढ़ें : पतझर
अपने संग सहेजती मैं रंग तितली बन। टूटे सपने रूठ गए अपने बने पराये । खोजती पंख छू…
रचना पढ़ें : जीवन के रंग
सीमा स्मृतिवक्त की धार नैया पार या डूबे है, मझधार । पढ़ लो आँखें सुना देंगी कहानी ये…
रचना पढ़ें : वक्त की धार
सुनो दस्तक बदला है मौसम आई दिवाली दीपों की थाली आशाओं से सजाई बांटो मिठाई पथ के साथी…
रचना पढ़ें : दीपमालिका
1 धूप- किरन बन नव जीवन आई आँगना । 2. धरा -ओढ़नी पहन सातों रंग है पिया संग।…
रचना पढ़ें : धूप